“ मेरी कहानी...........ईमेल की जुबानी ”
प्रतावना
यह कहानी एक निम्न मध्यम परिवार की
है ! इसको लिखने के पीछे मेरा (लल्लू का) कोई पूर्ण निर्धारित या सोचा समझा हुआ उद्देश्य नहीं था ! यह कहानी लल्लू ने छोटू की
ईमेल का रिप्लाई करने के दौरान लिखी थी ! कहानी को पढने से पहले मै आपको इसके मुख्य
किरदारों से अवगत कराना चाहुगा!
बाप और तीन पुत्र (लल्लू, कल्लू और छोटू)
बड़े पुत्र लल्लू की पत्नी और लल्लू के ससुराल वाले
बुआ और उसके संबधी
बाप के अन्य मित्र और सम्बन्धी
तीनो पुत्रो के अन्य मित्र और सम्बन्धी
उपरोक्त सभी किरदार कहानी में आते
रहेंगे जिनकी और जानकारी कहानी पड़ते समय मालूम होगी, यह कहानी लखनऊ शाहर की है !
इस कहानी का नाम “मेरी कहानी...........ईमेल की जुबानी” इसी लिए रखा गया क्योकि इस कहानी को लिखने की शुरुवात लल्लू ने उस
समय करी जब लल्लू का पुत्र 8 माह का था और बाप अन्य दोनों पुत्रो के साथ नॉएडा में
थे! बाप और लल्लू के बीच बहुत सारे पिछले पारिवारिक-विवाद हो चुके थे और बाप ने
लल्लू को अलग कर दिया था! लेकिन उसके बाद भी बाप और लल्लू की फ़ोन पर बात होती थी लेकिन
लल्लू की पत्नी के फोन उठाने पर बाप नाराज हो जाते थे ! लल्लू और छोटू अक्सर फेसबुक और जीमेल-चैट पर
बात करते थे और फेसबुक पर तीनो पुत्र जुढ़े थे! तभी लल्लू ने एक सप्ताह तक ससुराल
जाने पर फोन न होने के कारण छोटू ने बाप के फोन से ने बहुत
सारे सवाल और आपतिजनक और असहनीय बाते लल्लू को उसकी ईमेल पर दिनाक 24/दिसम्बर/2013
से लगातार भेजना शुरू कर दिए थे ! छोटू ने लल्लू को चैट पर भी पहले खुद की बहुत सारे सवाल
करने लगा !
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